राजस्थानी संस्कृति एवं बोलियों
राजस्थानी
लोकोक्तियों/मुहावरे/लोकोक्तियों का हिंदी अर्थ
अक्कल कोई कै
बाप की कोनी - बुद्धि
किसी की बपौती नहीं।
अक्कल बिना ऊंट
उभाणा फिरै - मूर्ख
बुद्धि का अभाव होने के कारण साधनों का प्रयोग नहीं कर पाते।
अक्कल मैं खुदा
पिछाणो -वस्तु को बुद्धि से समझो।
अणदेखी नै
दोख, बीनै गति न मोख - जो निरपराध पर दोष लगावे, उसे गति या मोक्ष कुछ न मिले।
अभागियो
टाबर त्युंहार नै रूसै - मनभागी
सुअवसर से लाभ नहीं उठा पाता है।
अम्मर को
तारो हाथ सैं कोनी टूटै - आकाश का
तारा हाथ से नहीं टूटता।
अरडावतां
ऊंट लदै - किसी की दीन
पुकार पर भी ध्यान न देना।
अल्ला-अल्ला
खैर सल्ला -
शिष्टाचार के अतिरिक्त कुछ न देना।
अंत
पितहाळो आदमी, सोवै निदा
घोर।
अण पढ़िया
आतम कही,
मेघ आवै अति घोर।।
अर्थ-पित्त प्रकृति वाला आदमी यदि दिन में
घोर निद्रा निकाले तो समझो कि बहुत जोर से वर्षा होगी।
अणी चूकी, धार मारी - सावधानी हटी, दुर्घटना
घटी या सावधानी हटते ही दुर्घटना हो जाती है।
अणदोखी ने
दोख, बीनै गति न मोख - जो निर्दोष पर दोष लगाता है, उसे न गति (स्वर्ग) मिलती है, न मोक्ष।
अणमिले का
सै जती हैं - जब तक
बेईमानी का अवसर न मिले, तब तक सब
ईमानदार हैं।
अठै किसा
काचरखारा है - यहाँ दाल
गलने वाली नहीं है।
अठै
गुड़गीलो कोनी - हमें मूर्ख
मत समझना।
अम्बर पत
की धरती झेली - जिसके आगे
पीछे कोई न हो।
अम्बर
राच्यो,
मेह माच्यो - लाल आसमान वर्षा का सूचक है।
असी राताँ
का अस्या ही तड़का - बुरे
कार्यों का नतीजा भी बुरा ही
होता है।
अकल भाँग
खाणी - मूर्खता का काम करना।
अक्कल
उधारी कोनी मिलै- अक्ल
उधार में प्राप्त नहीं होती।
अणमाँग्या
मोती मिलै, माँगी मिले
न भीख - बिना माँगे कीमती चीज मिल जाती है, पर माँगने पर भीख भी नहीं मिलती
अदपढ़ी
विद्या धुवै चिन्त्या धुवै सरीर - अधूरे ज्ञान से चिंता बढ़ती है और चिन्ता से शरीर कमजोर होता है।
अनहोणी
होणी नहीं, होणी होय
सो होय - जो नहीं होना है, वह होना नहीं और होनी को टाल नहीं सकते हैं।
अब तो
बीरा! तन्नै कैगो जिकोई मन्ने कैगो - जिसने तुझे बताया, उसी ने
मुझे बताया।
अम्मर पीळो
में सीळो - आसमान
का पीला होना वर्षा का सूचक है।
अपनी करणी
पार उतरणी - कर्मों का
फल प्राप्त करना।
अरजन जसा
ही फरजन - सब एक जैसे
हैं।
अस्यो
भगवानों भोळो कोनी, जको भूखौ
भैंसाँ में जाय। - ऐसा कोई
मूर्ख नहीं है जो प्रतिफल की इच्छा के बगैर कार्य करें।
अंबर के
थेगली कौनी लागै - फटे
आकाश को सिया नहीं जा सकता।
अंधाधुंध
की साहबी,
घटाटोपको राज - विवेकहीन शासकों के शासन में राज्य में अधंकार छा जाता
है।
अंटी में
आणो - किसी के फंदे या जाल में फँसना
।
आक में ईख,फोग में जीरो - बुरे कुल में सज्जन व्यक्ति का . जन्म।
आकास में
बिजली चमकै, गधेड़ो लात
बावै - खतरा कितना ही दूर क्यों न हो, कमजोर दिल का व्यक्ति भयभीत हो ही जाता है।
आडा आया, माँ का जाया - वक्त आने पर सगा भाई ही काम आता है।
आग मूं
मूतना - कुनीति पर चलना।
प्रश्न-1.. राज्य की पारंपरिक एवं विलुप्त हो रही कलाओं के संरक्षण और संवर्धन करने और उनका संबंधित विकास करने के उद्देश्य से स्थापित संस्थान है??
(अ)- ललित कला अकादमी जयपुर
(ब)- जवाहर कला केंद्र जयपुर
(स)- भारतीय लोक कला मंडल उदयपुर
(द)- रविंद्र मंच जयपुर
स- भारतीय लोक कला मंडल उदयपुर✅
(अ)- ललित कला अकादमी जयपुर
(ब)- जवाहर कला केंद्र जयपुर
(स)- भारतीय लोक कला मंडल उदयपुर
(द)- रविंद्र मंच जयपुर
स- भारतीय लोक कला मंडल उदयपुर✅
प्रश्न-2.. राजस्थान संगीत नाटक अकादमी स्थित है??
(अ)- अजमेर में
(ब)- अलवर में
(स)- बीकानेर में
(द)- जोधपुर में
द- जोधपुर✅
(अ)- अजमेर में
(ब)- अलवर में
(स)- बीकानेर में
(द)- जोधपुर में
द- जोधपुर✅
प्रश्न-3.. पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र स्थित है??
(अ)- बांसवाड़ा में
(ब)- उदयपुर में
(स)- सिरोही में
(द)- डूंगरपुर में
ब- उदयपुर में✅
(अ)- बांसवाड़ा में
(ब)- उदयपुर में
(स)- सिरोही में
(द)- डूंगरपुर में
ब- उदयपुर में✅
प्रश्न-4.. राजस्थान साहित्य अकादमी स्थित है??
(अ)- बीकानेर में
(ब)- जयपुर में
(स)- जोधपुर में
(द)- उदयपुर में
द- उदयपुर में✅
(अ)- बीकानेर में
(ब)- जयपुर में
(स)- जोधपुर में
(द)- उदयपुर में
द- उदयपुर में✅
प्रश्न-5.. अधिकांश सांस्कृतिक गतिविधियां जयपुर में संपन्न होती है??
(अ)- सेंट्रल पार्क में
(ब)- जवाहर कला केंद्र में
(स)- नाहरगढ़ में
(द) सिटी पैलेस में
ब- जवाहर कला केंद्र में✅
(अ)- सेंट्रल पार्क में
(ब)- जवाहर कला केंद्र में
(स)- नाहरगढ़ में
(द) सिटी पैलेस में
ब- जवाहर कला केंद्र में✅
प्रश्न-6.. जागती जोत पत्रिका का प्रकाशन किया जाता है??
(अ)- राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बीकानेर
(ब)- राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर
(स)- राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी जयपुर
(द)- राजस्थान ललित कला अकादमी जयपुर
अ- राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बीकानेर✅
(अ)- राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बीकानेर
(ब)- राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर
(स)- राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी जयपुर
(द)- राजस्थान ललित कला अकादमी जयपुर
अ- राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बीकानेर✅
प्रश्न-7. रूसी कथाओं के राजस्थानी अनुवाद गजबण के लिए सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार किसे दिया गया??
(अ)- मंगत बादल
(ब)- लक्ष्मी कुमारी चुंडावत
(स)- विजय दान देथा
(द)- कोमल कोठारी
ब- लक्ष्मी कुमारी चूड़ावत✅
(अ)- मंगत बादल
(ब)- लक्ष्मी कुमारी चुंडावत
(स)- विजय दान देथा
(द)- कोमल कोठारी
ब- लक्ष्मी कुमारी चूड़ावत✅
प्रश्न-8.. गलालैंग वीर काव्य की स्थापना किसने की??
(अ)- कन्हैयालाल सेठिया
(ब)- मुरारी दान
(स)- केशवदास
(द)- अमर नाथ जोगी
द- अमर नाथ जोगी✅
(अ)- कन्हैयालाल सेठिया
(ब)- मुरारी दान
(स)- केशवदास
(द)- अमर नाथ जोगी
द- अमर नाथ जोगी✅
प्रश्न-9.. राजस्थानी साहित्य की एक प्रारंभिक रचना हंसावली रचित है??
(अ)- हेमचंद्र द्वारा
(ब)- असाईत द्वारा
(स)- श्रीधर व्यास द्वारा
(द)- ईसरदास द्वारा
ब- असाईत द्वारा✅
(अ)- हेमचंद्र द्वारा
(ब)- असाईत द्वारा
(स)- श्रीधर व्यास द्वारा
(द)- ईसरदास द्वारा
ब- असाईत द्वारा✅
प्रश्न-10.. अहीर वाटी बोली राजस्थान के किस क्षेत्र में बोली जाती है??
(अ)- बहरोड मंडावर कोटपूतली
(ब)- लावा टोंक किशनगढ़
(स)- कोटा झालावाड़ प्रतापगढ़
(द)- दौसा सांभर चौमू
अ- बहरोड मंडावर कोटपूतली✅
(अ)- बहरोड मंडावर कोटपूतली
(ब)- लावा टोंक किशनगढ़
(स)- कोटा झालावाड़ प्रतापगढ़
(द)- दौसा सांभर चौमू
अ- बहरोड मंडावर कोटपूतली✅

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