भारत – भौगोलिक स्थिति और विस्तार
भारत का भौगोलिक स्वरुप
भारतीय उपमहाद्वीप की दुनिया में 21°N से 78°E के बीच बसा हैं| भारत का धरातलीय विस्तार 08°04' उत्तरी अक्षांश से 37°06' उत्तरी अक्षांश तक और 68°07' पूर्वी देशांतर से 97°25' पूर्वी देशांतर तक फैला हैं| भारत की उत्तर से दक्षिण तक कुल लम्बाई 3214 कि.मी. हैं और पूर्व से पश्चिम तक कुल लम्बाई 2933 कि.मी. हैं| भारत की स्थलीय सीमाओं की लम्बाई 15200 कि.मी. हैं और समुन्द्र तटीय सीमाओं की (जलीय सीमाओं) लम्बाई 7517 कि.मी. हैं| भारत का कुल क्षेत्रफल 32,87,520 वर्ग कि.मी. (12,69,346 वर्ग मील) हैं| जिसमे से 90.40% भू-भाग (स्थलभाग) और 09.60% जलभाग हैं|भारत की सीमायें उत्तर में महान हिमालय पर्वत से शुरू होकर दक्षिण में विशाल हिन्द महासागर तक फैली हैं| वहीँ पूर्व में अरूणाचल प्रदेश से लेकर पश्चिम में कच्छ गुजरात तक फैली हैं| भारत के सबसे उत्तरी बिंदु को इंदिरा कॉल कहा जाता हैं और सबसे दक्षिणी बिंदु को इंदिरा पॉइंट कहा जाता हैं| जो कन्याकुमारी में स्थित हैं| वहीँ पूर्वी भाग के अंतिम बिंदु को किबिथू और पश्चिमी भाग के अंतिम बिंदु को गुहर मोती कहा जाता हैं| भारत के उत्तरी अंतिम बिंदु की खोज बुल्क वर्कमैन ने 1912 में की थी| मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि जिन लोगों को लगता हैं कि इंदिरा नाम भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के नाम पर पड़ा हैं तो आप गलत सोच रहे हो| क्योंकि 1912 में ही इस पॉइंट(बिंदु) की खोज कर ली गयी थी| और इसके खोजकर्ता ने ये नाम हिन्दू धर्म की देवी लक्ष्मी के नाम इंदिरा से प्रेरित होकर रखा था| अत: इंदिरा गाँधी से इसका कोई भी सम्बन्ध नहीं हैं|



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