नाथ द्वारा शैली नाथ द्वारा मेवाड़ रियासत के अन्तर्गत आता था, जो वर्तमान में राजसमंद जिले में स्थित है। यहां स्थित श्री नाथ जी मंदिर का निर्माण मेवाड़ के महाराजा राजसिंह न 1671-72 में करवाया था।
यह मंदिर पिछवाई(मंदिर में मुर्ति के पिछे का पर्दा) कला के लिए प्रसिद्ध है, जो वास्तव में नाथद्वारा शैली का रूप है।
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| Nathdvara Chitra Sheli |
यह मंदिर पिछवाई(मंदिर में मुर्ति के पिछे का पर्दा) कला के लिए प्रसिद्ध है, जो वास्तव में नाथद्वारा शैली का रूप है।
इस चित्रकला शैली का विकास मथुरा के कलाकारों द्वारा किया गया। महाराजा राजसिंह का काल इस शैली का स्वर्ण काल कहलाता है। चित्रित विषय - श्री कृष्ण की बाल लीलाऐं, गवालों का चित्रण, यमुना स्नान, अन्नकूट महोत्सव आदि। चित्रकार - खेतदान, नारायण, घासीराम, चतुर्भुज, उदयराम, खूबीराम आदि। कमला व इलायची नाथद्वारा शैली की महिला चित्रकार हैं। नाथद्वारा में भित्ती चित्रण में आला गीला फ्रेस्को शैली का उपयोग किया गया है।

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