1. ‘थेवा कला’ के लिए प्रसिद्ध परिवार कौनसा है ?
प्रतापगढ़ की मीनाकारी थेवा कहलाती है ! थेवाकला के अंतर्गत हरे,नीले,लाल व पीले काँच पर सोने व चाँदी की आकर्षक चित्रकारी की जाती है ! इस कला को उभारने वाला कलाकार नाथूजी सोनी थे ! "
2. प्रसिद्ध मीनाकारी ‘थेवा’ कला का सम्बन्ध है ?
3. राजस्थान में ‘ब्ल्यू पोटरी’ का प्रमुख केंद्र कौनसा है ?
चीनीदार मिट्टी के बर्तनों पर रंगीन और आकर्षक चित्रकारी का नाम ‘ब्ल्यू पोटरी’ है !
4. राजस्थान की प्रसिद्ध ब्ल्यू पोटरी की दस्तकारी का उद्भव कहाँ से हुआ ?
ब्ल्यू पोटरी का जन्म ईरान (पर्शिया) में माना जाता है !
5. राजस्थान में ब्ल्यू पोटरी का सर्वाधिक विकास किसके शासनकाल में हुआ था ?
जयपुर के शासक मिर्जा राजा मानसिंह द्वारा प्रारंभ की गई ! इस कला का विकास सवाई रामसिंह के शासनकाल में हुआ !
6. ‘ब्लू पोटरी’ से संबंधित किस व्यक्ति को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है ?
मृतप्राय: इस कला को पुनर्जीवित करने का श्रेय कृपाल सिंह शेखावत को जाता है जिन्होंने ब्लू पोटरी को एक विश्व आयाम दिया !
7. टेरीकोटा पद्धति से विभिन्न देवी – देवताओं की मूर्तियों बनाई जाने वाला स्थल मोलेला किस जिले में स्थित है ?
मिट्टी की मूर्तियों व बर्तनों को,जिस पर मुख्य रूप से लोकदेवता व देवियों की प्रतिमाओं का चित्रण किया जाता है,को आग में पकाकर मजबूत बनाने की कला टेराकोटा कहते है ! इस कला का प्रसिद्ध केंद्र मोलेला(राजसमन्द) है ! शिल्पी मोहनलाल को इस कला के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुका है !
8. राजस्थान का मोलेला गाँव की हस्तकला के लिए प्रसिद्ध है ?
9. ‘कागजी टेराकोटा’ के लिए प्रसिद्ध है ?
अलवर की बहुत पतली परतदार बर्तन (कागजी) कला प्रसिद्ध है !
10. ‘सुनहरी टेराकोटा’ कहाँ की प्रसिद्ध है ?
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